यह लोग मौसम होते है क्या
"मारवाड़ी" बेवख्त ही बदल जाते है?
हर बात जो बता कर किया करते थे...
बिना बताये ही वो अब कही भी निकल जाते है...
हम तो आशिक है, बेइंतहा मोहब्बत करते है उनसे..
मोम सा दिल है हमारा, हम यूं ही पिघल जाते है...
क्या खता हुई हमसे, तुम्हारे बदलने की वजह क्या है...
सोच सोच के सब बात, नैनो से अश्रु निकल जाते है...
दिल दिमाग में इस कदर बस चुकी हो तुम प्रिये....
ठोकर दिल पे लगती है, और हमारे कदम फिसल जाते है..
क्या बताऊ कुछ नहीं है अब तुम्हारे बिन ऐ जान....
दिलजले का दिल जला था, हम खुद ही जल जाते है....
"मारवाड़ी" प्यार में यह कैसा मोड़ आ गया......
एक थी जिनकी मजिल क्यों उनके पग बदल जाते है...
- अमन अग्रवाल "मारवाड़ी"
"मारवाड़ी" बेवख्त ही बदल जाते है?
हर बात जो बता कर किया करते थे...
बिना बताये ही वो अब कही भी निकल जाते है...
हम तो आशिक है, बेइंतहा मोहब्बत करते है उनसे..
मोम सा दिल है हमारा, हम यूं ही पिघल जाते है...
क्या खता हुई हमसे, तुम्हारे बदलने की वजह क्या है...
सोच सोच के सब बात, नैनो से अश्रु निकल जाते है...
दिल दिमाग में इस कदर बस चुकी हो तुम प्रिये....
ठोकर दिल पे लगती है, और हमारे कदम फिसल जाते है..
क्या बताऊ कुछ नहीं है अब तुम्हारे बिन ऐ जान....
दिलजले का दिल जला था, हम खुद ही जल जाते है....
"मारवाड़ी" प्यार में यह कैसा मोड़ आ गया......
एक थी जिनकी मजिल क्यों उनके पग बदल जाते है...
- अमन अग्रवाल "मारवाड़ी"
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